ट्रेन नंबर डिकोडर

भारतीय रेलवे की हर ट्रेन का एक नंबर होता है और उसके अंक बेतरतीब नहीं होते। ट्रेन नंबर लिखकर उसकी श्रेणी, सीरीज़ और वापसी की ट्रेन का आम तौर पर नंबर देखें।

 

इसका इस्तेमाल कैसे करें

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5 अंकों का ट्रेन नंबर लिखें, जैसे 22435।

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अंकों को जलते देखें और पहले अंक से श्रेणी पढ़ें।

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सीरीज़ का नोट और वापसी की संभावित ट्रेन का नंबर देखें।

जानने लायक बातें

पहला अंक सेवा का प्रकार बताता है: 0 विशेष ट्रेन, 1 और 2 लंबी दूरी की ट्रेनें, 3 कोलकाता उपनगरीय, 4 कुछ अन्य महानगरों की उपनगरीय सेवा, 5 पैसेंजर ट्रेन, 6 मेमू, 7 DEMU और 9 मुंबई उपनगरीय। अगले अंक इसे और साफ करते हैं, जैसे कई सुपरफास्ट और प्रीमियम ट्रेनें 12xxx, 20xxx और 22xxx सीरीज़ में चलती हैं।
डिकोडर नंबरिंग सिस्टम को सामान्य रूप से समझाता है। उसे ट्रेन का नाम, रूट या समय नहीं पता, इसलिए इनके लिए आधिकारिक NTES या IRCTC साइट देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुछ ट्रेनों के 4 अंक क्यों होते हैं?

ये पुराने नंबर हैं। ज़्यादातर ट्रेनें 5 अंकों के नंबर पर आ चुकी हैं, इसलिए NTES या IRCTC पर 5 अंकों का नंबर खोजें।

क्या विषम और सम नंबर का मतलब अप और डाउन है?

ट्रेन और उसकी वापसी के नंबर आम तौर पर क्रमागत होते हैं, पर दिशा जानने के लिए विषम या सम पर भरोसा न करें। समय-सारणी देखें।

क्या नंबर से ट्रेन का नाम पता चल सकता है?

नहीं। नंबर सिर्फ श्रेणी बताता है। नाम और रूट के लिए NTES या IRCTC पर ट्रेन खोजें।

और मुफ़्त टूल

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